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Thursday, 4 June 2020

माँ प्यारी माँ


माँ  प्यारी माँ  के लिये एक छोटी सी कविता 



                                माँ  प्यारी माँ 


मां तू ममता का सागर है
तेरा प्यार है मां अमृत
जिस जगह पर भी देखूं मैं 

देखे तुझको मेरा चित्
 मां तूने रूप लिए कितने
पहले बनी तो देती और बनी फिर बहना
 तेरी प्रेम और वात्सल्य का मेरी मां क्या कहना
जननी तू धरणी तू तू ही है पालन करता
तेरे आँचल की छाँव तले हर जीवन है पलता
बिन पानी के मछली जैसे मैं तेरे बिन थी तड़पी
जल के बिन प्यासी धरती जेसे मै बिल्कुल वेसे तरसी
क्या है तुझ मे  ऐसा तुझे छोड़ कहीं ना जाऊं तेरी इन पावन चरणों में मेरी मां मैं सारा जीवन बिताऊँ
माँ मेरी प्यारी माँ ।
माँ के लिये छोटी सी कविता 


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